बाहुबली के कंधे पर बैठ कर फिर जनता को छलना चाहते है पूर्ब सांसद शैलेन्द्र
अपनी नही तैयार की जमीन चंद चाटुकारों के सहारे करते रहे राजनीति
*जनता ने किया था भरोसा विरासत में तीन बार मिल चुका सांसद का पद*
*कौशाम्बी* लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव की रणभेदी बज चुकी है लोकसभा सीट कौशाम्बी से सपा बसपा गठबंधन से इंद्रजीत सरोज जनसत्ता लोकतांत्रिक दल से पूर्ब सांसद शैलेन्द्र कुमार भाजपा से सांसद विनोद सोनकर कांग्रेस से गिरीश पासी सहित तमाम अन्य दलों के उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार ने कौशाम्बी लोकसभा सीट से नामांकन कर चुनाव प्रचार में कूद पड़े है लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लोकतांत्रिक दल के प्रत्यासी को पूर्ब में तीन बार अन्य दल से सांसद रह चुके शैलेन्द्र कुमार को सांसद चुनकर देश की सर्वोच्च पंचायत में भेजा दिया था लेकिन चंद चाटुकारों से घिरे रह कर उनके भरोसे इन्होंने अपनी राजनैतिक जमीन नही तैयार किया तो जनता उन्हें कैसे अपना नेता स्वीकार करेगी तीन बार सांसद बनने के बाद भी शैलेन्द्र कुमार जनता की समस्याओं से रूबरू नही हो सके किसान मजदूर बेरोजगार युवकों ब्यापारियो की गंभीर समस्याओं के ज्वलन्त मुद्दों को सदन में उठा कर समस्या दूर कराने का प्रयास यदि यह करते तो शायद यह कौशाम्बी क्षेत्र के लोकप्रिय नेता होते लेकिन इन्होंने किसान मजदूर ब्यापारियो बेरोजगार युवकों के ज्वलन्त मुद्दों को नजर अंदाज कर राजनीति करते रहे जनसमस्याओं से लगातार दूर रहने वाले पूर्ब सांसद शैलेन्द्र कुमार को राजनीति विरासत में मिली थी इनके पिता धर्मवीर मंत्री रहे लेकिन उस विरासत को यह संभालने में नाकामयाब ही रहे अब फिर एक बाहुबली के कब्जे में आ गए और बाहुबली के कंधे में बैठ कर आम जनता को छलना चाहते है जनता ने इन पर भरोसा कर इन्हें सांसद बना कर नुमाइन्दगी का तीन बार मौका दिया लेकिन जनता का भरोसा यह कायम नही रख सके अब फिर बाहुबली के कंधे में सवार होकर देश की सर्वोच्च पंचायत में जाना चाहते है क्या सम्भव होगा।
अपनी नही तैयार की जमीन चंद चाटुकारों के सहारे करते रहे राजनीति
*जनता ने किया था भरोसा विरासत में तीन बार मिल चुका सांसद का पद*
*कौशाम्बी* लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव की रणभेदी बज चुकी है लोकसभा सीट कौशाम्बी से सपा बसपा गठबंधन से इंद्रजीत सरोज जनसत्ता लोकतांत्रिक दल से पूर्ब सांसद शैलेन्द्र कुमार भाजपा से सांसद विनोद सोनकर कांग्रेस से गिरीश पासी सहित तमाम अन्य दलों के उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार ने कौशाम्बी लोकसभा सीट से नामांकन कर चुनाव प्रचार में कूद पड़े है लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लोकतांत्रिक दल के प्रत्यासी को पूर्ब में तीन बार अन्य दल से सांसद रह चुके शैलेन्द्र कुमार को सांसद चुनकर देश की सर्वोच्च पंचायत में भेजा दिया था लेकिन चंद चाटुकारों से घिरे रह कर उनके भरोसे इन्होंने अपनी राजनैतिक जमीन नही तैयार किया तो जनता उन्हें कैसे अपना नेता स्वीकार करेगी तीन बार सांसद बनने के बाद भी शैलेन्द्र कुमार जनता की समस्याओं से रूबरू नही हो सके किसान मजदूर बेरोजगार युवकों ब्यापारियो की गंभीर समस्याओं के ज्वलन्त मुद्दों को सदन में उठा कर समस्या दूर कराने का प्रयास यदि यह करते तो शायद यह कौशाम्बी क्षेत्र के लोकप्रिय नेता होते लेकिन इन्होंने किसान मजदूर ब्यापारियो बेरोजगार युवकों के ज्वलन्त मुद्दों को नजर अंदाज कर राजनीति करते रहे जनसमस्याओं से लगातार दूर रहने वाले पूर्ब सांसद शैलेन्द्र कुमार को राजनीति विरासत में मिली थी इनके पिता धर्मवीर मंत्री रहे लेकिन उस विरासत को यह संभालने में नाकामयाब ही रहे अब फिर एक बाहुबली के कब्जे में आ गए और बाहुबली के कंधे में बैठ कर आम जनता को छलना चाहते है जनता ने इन पर भरोसा कर इन्हें सांसद बना कर नुमाइन्दगी का तीन बार मौका दिया लेकिन जनता का भरोसा यह कायम नही रख सके अब फिर बाहुबली के कंधे में सवार होकर देश की सर्वोच्च पंचायत में जाना चाहते है क्या सम्भव होगा।