आने वाला चुनाव और हमारी जिम्मेदारी

★     दोस्तों चुनाव क़रीब है, अंदरखाने से आ रही खबरों के अनुसार मध्य फरवरी तक, या फरवरी के अंत तक चुनाव की घोषणा सम्भव है, लेहाज़ा चुनाव के मद्देनज़र हम अपनी कुछ ज़िम्मेदारी समझें और कुछ सावधानी बरतें ताकि खुद को राजनैतिक इस्तेमाल बचाते हुये लोकतंत्र के इस सबसे बड़े पर्व पर एक ज़िम्मेदार नागरिक का फ़रीज़ा अंजाम दे सकें,
● _किसी भी पार्टी के झण्डे बिल्ले/टोपी से बचें_
● _अपनी इस्लामी शिनाख्त के साथ किसी राजनैतिक रैली में न जायें_
● _राजनेता के साथ अपने या अपने समुदाय के फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर न करें_
● _समाज के बड़ो के पास नेतागण आते हैं, वो उनको सम्मान देते हैं, ये उनका इख़लाक़ है, लेकिन उनके साथ तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल न करें, साथ ही अपने किसी बड़े के किसी नेता के साथ बैठने पर अपनी विचारधारा न बदलें,_
● _संवैधानिक पदों पर बैठे हुये किसी व्यक्ति जैसे मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री के नाम पर स्टेज सजा कर स्वागत न करें, अगर करने की ज़रूरत भी महसूस होती है तो उनके पार्टी के झण्डे लगा कर उनका स्वागत न करें, बल्कि राष्ट्रिय ध्वज का इस्तेमाल करें_
● _मुसलमानों से नोटा के इस्तेमाल की अपील की जा रही है, नोटा से बचें, सेक्युलर ताक़तों का साथ दें_
● _अपने वोट की ताकत को समझें, खुद भी मतदान करें और अपने रिश्तेदारों से भी मतदान की अपील करें_
● _अपने मोहल्लों से 100% मतदान निश्चित करें, पहले से अपने नामों को वोटरलिस्ट में दर्ज करवा लें, वोटर आईडी की दुरुस्तगी करवा लें,_
      अब तक सभी पार्टियों ने मुसलमानों का इस्तेमाल अपने अपने मुफाद के लिये सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से किया है, लेकिन वोट देना जरूरी है क्योंकि हमारे वोट ही हमारे हुक्मरां तय करते हैं, लेहाज़ा खुद को इस्तेमाल होने से बचाते हुये अपने फ़रीज़े को अंजाम दें, *मुसलमान बन्द मुट्ठी ही अच्छा  हैैं।

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